इलेक्ट्रिशियन या वायरमैन को इलेक्ट्रिक शॉक (Electric Shock) क्यों नहीं लगता?। Why don’t Electricians or Wiremen get Electric Shock? In – Hindi

इलेक्ट्रिक शॉक (Electric Shock) – एक अनजान खतरा, एक अचानक हमला। क्या हम उसके बारे में जानते हैं? क्या हम जानते हैं कि यह कैसे होता है? और सबसे महत्वपूर्ण, एक इलेक्ट्रिशियन या वायरमैन को current क्यों नही लगता ?

इस ब्लॉग पोस्ट में हम जानेंगे कि किसी इंसान को असल मे Electric Shock कैसे लागता है? इलेक्ट्रिक शॉक (Electric Shock) से बचने के लिए क्या कुछ उपाय होते हैं और इसे कैसे रोका जा सकता है। आइए इस महत्वपूर्ण विषय को गहराई से समझें।

Electric Shock क्या होता है?

हमारा शरीर बिजली का मंद वाहक है। इसलिए जमीन पर खड़े होकर हमारे शरीर का कोई भी भाग अगर बिजली के सीधे संपर्क में आता है, तब हमे इलेक्ट्रिक शॉक (Electric Shock) लगता है।

जब Electric current इंसानी शरीर से होते हुए जमीन तक जाकर अपना मार्ग पूरा करता है। तब हमारा शरीर उस समय सर्किट को पूरा करता है। इस वजह से हमारे  Nerve सिस्टम पर परिणाम होकर एक भयानक और वेदनात्मक अनुभूति का अहसास होता है। इसे ही इलेक्ट्रिक शॉक (Electric Shock) कहते है।

शरीर से बहने वाला करंट यह उस व्यक्ति के शरीर के  Electric Resistance पर निर्भर करता है। शरीर से बहने वाला इलेक्ट्रिक करेंट संपर्क में आने वाले Voltage के अनुपात में शरीर से बहता है।

 
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अगर वोल्टेज ज्यादा हुआ तो ज्यादा करंट बहता है। और वोल्टेज कम हो तो कम Current Flow होता है। और इसके अलावा मानवी शरीर का इलेक्ट्रिक रेसिस्टेंस अगर कम हुआ तो शरीर से ज्यादा करंट Flow होता है। अगर शरीर का विद्युत विरोध ज्यादा हुआ तो Current Flow होने में ज्यादा विरोध होकर कम मात्रा में इलेक्ट्रिक current flow होता है।

शरीर की स्किन अगर सूखी हो तो उस शरीर का Electric Resistance सामान्यतः 10 से 600 किलो Hom होता है। गीले स्किन वाले शरीर का इलेक्ट्रिक Resistance सिर्फ 1000 Ohm (1 किलो Ohm) तक होता है। 

अगर कोई व्यक्ति गीले शरीर से जमीन पर खड़े होकर सीधे Live वायर से संपर्क में आता है। तब उस व्यक्ति का Electric Resistance सिर्फ 100 Ohm इतना होता है। उस व्यक्ति के शरीर का इलेक्ट्रिक विरोध यह बहुत कम होने की वजह से उस व्यक्ति की मृत्यु होने की संभावना होती है।

हमारे शरीर से जब 2 से 10 मिली एम्पीयर करंट बहता है। तब हमे इलेक्ट्रिक शॉक (Electric Shock) महसूस होता है। इस Electric Shock की वजह से हमारे शरीर के स्नायु संकुचित हो जाते है। यह Electric Shock यह कम या ज्यादा तीव्रता वाला भी हो सकता है।

5 से 25 मिली एम्पीयर Current का Electric Shock यह तीव्र स्वरूप का होता है। इस तरह के Electric shock की वजह से व्यक्ति बिजली अपने आप से दूर ना होते हुए live फेज से चिपक कर रहने की संभावना ज्यादा होती है।

25 मिली एम्पीयर करंट अगर किसी व्यक्ति के शरीर से 2 से 3 मिनट तक बहे तो, उस व्यक्ति की नैसर्गिक दिल की धड़कन बंद होकर वह व्यक्ति बेहोश हो सकता है। या उसकी मृत्यु भी हो सकती है।

50 से 200 मिली एम्पीयर करेंट बहने से उस व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो सकती है।

इस भयानक Electric Shock की तीव्रता, शरीर से करंट बहने के समय के सम प्रमाण में होती है। मतलब जितनी देर व्यक्ति बिजली के सीधे संपर्क में रहेगा इलेक्ट्रिक शॉक (Electric Shock) की तीव्रता भी उतनी ही ज्यादा होती है।

कैसे एक इलेक्ट्रीशियन बिजली के जिन्दा तारों को नंगे हाथों से पकड़ लेता है? और उसे करंट नहीं लगता ?

दोस्तों आपने कई बार नोटिस किया होगा की कोई Electrician या  Wireman Line चालू होने की स्थिति में अपना काम करते हैं। और वह live वायर को अपने नंगे हाथों से स्पर्श करता है। लेकिन उसे Electric Shock नही लगता।

कई बार लोग यह सोचते हैं की वह Electrician है, इसलिए उसे Electric Shock नही लगता। तो दोस्तों ऐसा नहीं है। Electricity किसी व्यक्ति, व्यक्ति विशेष में भेदभाव नहीं करती। Electrician भी एक इंसान ही होता है। उसे भी Electric Shock लग सकता है। जैसा किसी सामान्य इंसान को लग सकता है।

लेकिन इलेक्ट्रिशियन यह व्यक्ति बिजली के उस गुण से भली भांति परिचित होता है। की किस कंडीशन में उसे इलेक्ट्रिक शॉक (Electric Shock) लग सकता है।

एक कुशल इलेक्ट्रिशियन live Wire को तभी स्पर्श करता है। जब वह जमीन या किसी दीवार से अपने शरीर को Insuleted रखता है। वह Insuleted जूते या चप्पल पहना होता है, या किसी insuleted वस्तु पर खड़ा होकर या बैठकर काम करता है। जैसे की प्लास्टिक कुर्सी, टेबल, या कोई इंसुलेटेड Mat हो सकता है। वायर स्पर्श करने पर Electric Current उसके शरीर में तो आता है, लेकिन उस करंट को शरीर से जमीन में जाने के लिए मार्ग नही मिलता, इस वजह से सर्किट पूरा न हो पाने की वजह से Electric Current उस Electrician के शरीर से नही बहता। जैसा की हमने पहले देखा की Electric Current जब हमारे शरीर से Flow होता है। तभी हमे Electric Shock महसूस होता है। Electric Shock लगने के लिए Electric Current शरीर से बहाना जरूरी होता है।

तो दोस्तों जब तक एक इलेक्ट्रिशियन अपने शरीर से Electric Current को बहने से रोक पाने में सक्षम होता है, तब तक इलेक्ट्रीशियन बिजली के जिन्दा तारों को नंगे हाथों से पकड़ लेता है, और उसे करंट नहीं लगता।

(अगर आप Electrical का काम करने के लिए नए हैं, तो ऐसा कभी try न करें)

किन परिस्थितियों में हमे Electric Shock लग सकता है?

  1. कोई व्यक्ति नंगे पैर जमीन पर खड़ा हो, और अचानक उसके शरीर का कोई अंग Live फेज के संपर्क में आ जाए तो उस व्यक्ति को electric shock लगता है।
  2. जमीन से Insuleted होने के बावजूद अगर कोई व्यक्ति दो अलग अलग पोलेरिटी ( live फेज के साथ न्यूट्रल या अर्थ, या फिर अलग पोलेरिटी के 2 फेज) को गलती से छू लेता है तो उस व्यक्ति को इलेक्ट्रिक शॉक (Electric Shock) लगता है।
  3. अगर किसी इलेक्ट्रिक मशीन की धातुयुक्त बॉडी से जुड़ी अर्थिंग खराब हो या मशीन की बॉडी का इंसुलेशन resistance कमजोर हो तो ऐसी स्थिति में उस मशीन पर काम करने वाले व्यक्ति को इलेक्ट्रिक शॉक (Electric Shock) लग सकता है।
  4. अगर किसी व्यक्ति को इलेक्ट्रिक शॉक (Electric Shock) लग रहा हो उस क्षण अगर कोई दूसरा व्यक्ति खुद इंसुलेटिड हुए बिना उस व्यक्ति को Electric Supply से अलग करने की कोशिश करता है, तो उस दूसरे व्यक्ति को भी Electric Shock लगता है।

इस तरह Electric Shock से व्यक्ति कई बार जोर के झटके से Electricity द्वारा दूर फेक दिया जाता है। और कई बार Electricity से चिपककर उसकी मृत्यु भी हो सकती है।

इसलिए इलेक्ट्रिसिटी का काम करते समय वॉयरमैन या इलेक्ट्रिशियन को हमेशा बहुत ही सावधानी से काम करना चाहिए।

Electric Shock न लगे इसलिए एक Electrician/ Wireman को कौन कौनसी सावधानियां बरतनी चाहिए?

  1. Electricity का काम करते समय एक इलेक्ट्रिशियन या वायरमैन को हमेशा इंसुलेटेड Tools का हो इस्ताल करना चाहिए।
  2. यदि किसी उपकरण की वायर खराब हो चुकी हो तो, उस wire को बदले बिना उस उपकरण का इस्तेमाल न करें।
  3. स्विच, प्लग, होल्डर्स आदि एक्सेसरीज के बाहरी आवरण अगर टूटे हुए हों तो उन एक्सेसरीज को जल्द से जल्द बदल लेना चाहिए।
  4. किसी भी धातुयुक्त इलेक्ट्रिकल उपकरण की बॉडी को अर्थिंग से अच्छे से जोड़ा जाना चाहिए। ताकि लीकेज करंट अर्थिंग वायर से जमीन में चला जाए।
  5. इलेक्ट्रिक सप्लाई चालू होने की स्थिति में हमे उस जगह काम नहीं करना चाहिए।
  6. बिजली से लगी आग बुझाने के लिए गलती से भी पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  7. लाइव फेज supply है या नही यह पता करने के लिए हमे अपने हातों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  8. काम करने से पहले किसी इंस्टालेशन या सर्किट का सप्लाई बंद हुआ है या नही। यह कन्फर्म करने के बाद ही उस जगह पर काम शुरू करना चाहिए।
  9. जहां जहां wire के joints हों उन ज्वाइंट्स पर अच्छे से Insulation Tape लगाना चाहिए।
  10. Fuse wire बदलते समय हमेशा मेन स्विच बंद करना चाहिए।

अगर कोई व्यक्ति बिजली के सीधे संपर्क में आ जाए तो उस व्यक्ति को बिजली से अलग करते समय कौन कौनसी बातों पर ध्यान देना चाहिए।

  1. कोई व्यक्ति बिजली से सीधे संपर्क में आ जाए मतलब उस व्यक्ति को Electric Shock लगा हो तो सबसे पहले उस जगह का power supply बंद कर दें।
  2. अगर पावर सप्लाई बंद करना संभव ना हो तो, अपने हातों में रबर के ब्लव्स पहनकर उस व्यक्ति को लाइव फेज से दूर करने की कोशिश करें।
  3. अगर रबर के हैंड ग्लव्स ना हो तो किसी सूखे कपड़े से उस व्यक्ति को फेज से दूर करने की कोशिश करें।
  4. न्यूज पेपर्स का गट्ठा, सूखे कपड़े को पोटली, या सूखी लकड़ी या सूखे झाडू से उस व्यक्ति दूर धकेलकर बिजली से अलग करने की कोशिश कर सकते हैं
  5. या फिर सूखी लकड़ी पर या मैट पर खड़े रहकर खुद पहले Insuleted होकर सूखी लकड़ी से उस व्यक्ति को बिजली से अलग कर सकते हैं।
  6. किसी भी स्थिति में अपघात ग्रस्त व्यक्ति को सीधे अपने हातों से स्पर्श करके बिजली से अलग करने की कोशिश ना करें। ऐसा करने पर आपको भी इलेक्ट्रिक शॉक (Electric Shock) लग सकता है।
  7. इसलिए सबसे पहले खुद को Insuleted करें फिर उस व्यक्ति को बिजली की चपेट से अलग करने की कोशिश कारें।

इस ब्लॉग पोस्ट में हमने देखा कि इलेक्ट्रिक शॉक (Electric Shock) कितना खतरनाक हो सकता है और कैसे इससे बचा जा सकता है। इलेक्ट्रिशियन या वायरमैन के लिए सुरक्षित काम करना बेहद महत्वपूर्ण है ताकि उन्हें किसी भी हानि से बचाया जा सके। इसलिए, हमें अपनी सुरक्षा पर हमेशा ध्यान देना चाहिए और सुरक्षित कार्य प्रणालियों का पालन करना चाहिए। इसके अलावा, इस जानकारी को अपने साथियों और परिवार के साथ साझा करके उनकी सुरक्षा को भी सुनिश्चित करें। ध्यान रखें, सुरक्षित काम ही सबसे महत्वपूर्ण है।

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