इलेक्ट्रीशियन (Electrician) का काम करने के लिए बेसिक इलेक्ट्रिकल नॉलेज | Basic Electrical Knowledge to Work as an Electrician

इलेक्ट्रीशियन (Electrician) का काम क्या होता है? | What is the job of an electrician? In Hindi

दोस्तों आसान भाषा मे आपको समझने की कोशिश करूंगा कि इलेक्ट्रीशियन (Electrician) का काम क्या होता है?इलेक्ट्रीशियन (Electrician) के नाम से ही जाहिर है कि इलेक्ट्रिक का काम करने वाला इलेक्ट्रीशियन (Electrician) होता है। इलेक्ट्रिकल्स का काम मतलब क्या? दोस्तों किसी  भी विद्युत उपकरण को बिजली पहुंचने के लिए सही तरीके से वायरिंग या नियोजन करने का काम इलेक्ट्रीशियन (Electrician) का होता है। या किसी उपकरण को बिजली न पोहच पाने पर इसका पता लगाकर वहां तक फिर से बिजली पहुंचना इलेक्ट्रीशियन (Electrician) का काम होता है। इलेक्ट्रिक उपकरणों की मरम्मत करने का काम भी इलेक्ट्रीशियन (Electrician) का होता है।

फेज, न्यूट्रल और अर्थिंग का क्या काम होता है?

दोस्तों हमारे घरों में या office में सिंगल फेज सप्लाय होता है। जिसमे 2 मुख्य वायर्स होती हैं 1 फेज और दूसरी न्यूट्रल. किसी भी सिंगल फेज से चलने वाले उपकरण को चलाने के लिए बस 1 फेज और 1 न्यूट्रल कि जरूरत पड़ती है। इनमेसे अगर कोई एक भी विद्युत उपकरण तक ना पहुंचे तो वह उपकरण काम नही करता। 

किसी भी सिंगल फेज विद्युत उपकरण में electric current फेज वायर से प्रवेश करता है, और न्युट्रल वायर से वापस सप्लाय सोर्स तक आता है। अगर इलेक्ट्रिक करंट का यह पथ (path) किसी कारण से ओपन हो जाये तो Open Circuit होकर उपकरण बंद हो जाएगा या काम नही करेगा।

फेज wire लाल रंग से दर्शाई जाती है तो न्यूट्रल वायर काले रंग से दर्शाई जाती है। और इन दोनों के साथ एक और wire होती है जो कि अर्थिंग की होती है। जो हरे रंग से दर्शाई जाती है।

लेकिन दोस्तों अर्थिंग wire का उपयोग किसी विद्युत उपकरण को चलाने के लिए नही किया जाता बल्कि अर्थिंग का उपयोग सुरक्षात्मक wire के रूप में किया जाता है।

अर्थिंग करना जरूरी क्यों होता है? जबकि एक फेज और एक न्यूट्रल से काम चल जाता है। यह आप ऊपर नीले रंग के वाक्य पर क्लिक करके अर्थिंग के बारे में पूरी जानकारी पढ सकते हैं।

अगर आपने अर्थिंग के बारे में पढ़ लिया हो तो आगे बढ़ते हैं।

इलेक्ट्रिक उपकरण

दोस्तों इलेक्ट्रिक उपकरण जिनका उपयोग हम अपने अलग अलग कामों को करने के लिए करते हैं। जैसे कि लाइट्स, फैन, गीज़र, इलेक्ट्रिक मोटर इत्यादि, यह सब उपकरण एक प्रकार के रेजिस्टेंस होते है। जिनमेसे अगर इलेक्ट्रिक करंट गुजरे तो यह रेसिस्टेन्स विद्युत ऊर्जा का किसी और ऊर्जा में परिवर्तन कर देते हैं। जिन ऊर्जा का उपयोग हम कर सके।

करंट ,वोल्टेज और रेसिस्टेन्स क्या होता है?

कोई भी इलेक्ट्रिक उपकरण काम कर रहा होता है तब उस उपकरण में इलेक्ट्रिक ऊर्जा का किसी और ऊर्जा में रूपांतरण हो रहा होता है। जिसे इफेक्ट्स ऑफ इलेक्ट्रिक करंट कहा जाता है।

इलेक्ट्रिक करंट रेजिस्टेंस याने की किसी विद्युत उपकरण से गुजरने पर नीचे बताई गई ऊर्जाओं में परिवर्तन होता है।

विद्युत प्रवाह के  प्रभाव (Effects Of Electric Current)

  1. शारिरिक परिणाम (Phycical Effects)
  2. एक्स-रे-परिणाम (X-Ray Effect)
  3. औष्णिक परिणाम (Heating Effect)
  4. रासायनिक परिणाम( Chemical Effect)
  5. चुंबकीय परिणाम (Magnetic Effect) 

शारिरिक परिणाम (Phycical Effects)

हमारा शरीर बिजली का सुचालक होता है। मतलब हमारे शरीर से बिजली का बहाव होता है। जब हमारे शरीर से एक निश्चित मात्रा में बिजली गुजरती है और इसतरह से एक इलेक्ट्रिक सर्किट पूरा होता है। तब हमें इलेक्ट्रिक शॉक लगता है। इसे विद्युत प्रवाह का शारीरिक प्रभाव (Physical Effect of Electric Current) कहा है।

इलेक्ट्रिक शॉक नगने से इंसान के शरीर की उष्णता बढ़ने लगती है। जिससे खून जलने लगता है। इलेक्ट्रिक शॉक लगने से इंसान लाइन से चिपक कर रह सकता है या फिर दूर फेंका जा सकता है। इलेक्ट्रिक शॉक की तीव्रता यह उस इंसान के शरीर से गुजरने वाले Electric Current के प्रमाण और वह Electric Current शरीर से गुजरने के समय काल पर निर्भर करती है।

  • इलेक्ट्रिक शॉक से मानव शरीर के रक्ताभिसरण प्रणाली पर इफ़ेक्ट होता है।
  • कुछ क्षण के लिए उस व्यक्ति की विचार करने की शक्ति चली जाती है।
  • वह व्यक्ति बेहोश हो सकता है।
  • अगर इलेक्ट्रिक शॉक की तीव्रता ज्यादा हो तो उस व्यक्ति की मृत्य भी हो सकती है।

इस भयावह इलेक्ट्रिक शॉकबक उपयोग मेडिकल सेक्टर में उपयोग करके। मानसिक तौर पर बीमार व्यक्ति तथा कैंसर पीड़ित व्यक्तियों का इलाज किया जाता है। 

विद्युत प्रवाह के इस शारीरिक प्रभाव (Physical Effect of Electric Current) को इस तरह काम मे लिया जाता है।

एक्स-रे-परिणाम (X-Ray Effect)

अगर हाय वोल्टेज से इलेक्ट्रिक करंट वैक्यूम ट्यूब से भेजा जाए तो उसमें X- Ray किरण तयार होते हैं।

यह किरण इलेक्ट्रो मैग्नेटिक व्हेवज के रूप में होते हैं।

इन किरणों की व्हेव लेंथ बहुत ही कम होती है। इसलिए उनकी क्षमता ज्यादा होती है। ऐसे X-rays (क्ष-किरण) धातू या मानवी शरीर में से आसानी से जा सकते हैं। यह विद्युत परवाह का एक्स-रे-परिणाम (X-Ray Effect) होता है।

इसी एक्स-रे-परिणाम (X-Ray Effect) का उपयोग वैद्यकीय शास्त्र में मानवी शरीर के भीतरी अंगों किबरचना के फोटो निकलने के लिए किया जाता है।

औष्णिक परिणाम (Heating Effect)

जब किसी कंडक्टर में से इलेक्ट्रिक करंट बहता है तब उस कंडक्टर में तपिश (Heat) निर्माण होती है। यह इलेक्ट्रिक करंट का उष्णताजन्य अथवा औषनिक प्रभाव होता है। इस परिणाम का उपयोग इलेक्ट्रिकल सेक्टर में बहुत ज्यादा प्रमाण में किया जाता है।

उदाहरण

  1. हीटर
  2. सिगड़ी
  3. सोल्डरिंग आयरन
  4. इलेक्ट्रिक आयरन
  5. किटली

इन सबमे ऊष्मा (Heat) मिलने के लिए और लैंप, ट्यूब लाइट ,LED, में प्रकाश के लिए उपयोग किया जाता है।

चुंबकीय परिणाम (Magnetic Effect)

दोस्तों किसी भी कंडक्टर से जब विद्युत प्रवाह गुजरता ही तब उस कंडक्टर के चारो ओर चुम्बकीय रेखाएं निर्माण होती है। इसी को चुंबकीय परिणाम (Magnetic Effect) कहते हैं। विद्युत पर्वाह के चुम्बकीय प्रभाव का ही उपयोग करके हम

  • विद्युत मोटर
  • ट्रांसफार्मर्स
  • विद्युत घंटी
  • स्टार्टर इत्यादि

को चला सकते हैं।

रासायनिक परिणाम( Chemical Effect)

जब किसी इलेक्ट्रोलाइट (Electrolyte) में से विद्युत प्रवाह गुजरता है, तब उस इलेक्ट्रोलाइट (Electrolyte) के मूल घटक अलग अलग हो जाते हैं। यह विद्युत प्रवाह का रासायनिक परिणाम( Chemical Effect) होता है। जिसका उपयोग हम बैटरी चार्जिंग के लिए, घर के इन्वर्टर के लिए, इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए, आदि जगहों पर करते हैं

दोस्तों हम विद्युत ऊर्जा को  विद्युत प्रवाह के 5  प्रभाव ( 5 Effects Of Electric Current) में से किसी एक मे रूपांतरित करके हम बड़ी आसानी से कोई काम करवा सकते हैं।

इलेक्ट्रिकल्स का काम करने वाले इलेक्ट्रीशियन को यह अच्छेसे पता होना चाहिए कि, वह जिस मशीन पर काम कर रहा है। वह मशीन ऊपर बताए गए विद्युत प्रवाह के 5  प्रभाव ( 5 Effects Of Electric Current) में से किस प्रभाव से चलती है। 

इलेक्ट्रीशियन का काम सीखने के लिए आपको इलेक्ट्रिक सर्किट्स का भी पता होना चलिए सर्किट के बारे में विस्तार से पढ़ें…

इलेक्ट्रिक सर्किट मतलब क्या होता है? | इलेक्ट्रिक सर्किट कितने प्रकार के होते हैं?

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