रूम कूलर क्या होता है? | रूम कूलर कैसे काम करता है?

रूम कूलर क्या होता है?

रूम कूलर मतलब कमरे में ठंडी हवा देने वाला एक इलेक्ट्रिक उपकरण होता है। कमरे की गर्म हवा पानी के संपर्क में आने से  ठंडी हो जाती है। यह ठंडी हवा एक पंखे के माध्यम से कमरे में फैलने का काम रूम कूलर करता है। पानी के माध्यम से हवा ठंडी करना और पंखे से उस हवे को फैलाना यह दोनों काम करने के लिए रूम कूलर में मकैनिझम है।

रूम कूलर का उपयोग ज्यादातर गर्मियों के मौसम में होता है।

रूम कूलर के मुख्य भाग

ऐग्झोस्ट फैन (Exhaust fan)

इस फैन के लिए पेरमेंन्ट कैपेसिटर मोटर या स्प्लिट मोटर का उपयोग किया जाता है। इस मोटर का रोटर जिस शाफ़्ट पर होता है, उसी शाफ़्ट पर फैन की ब्लेड्स लगी होती हैं। यह मोटर रबर की पैकिंग लगाकर कूलर की बॉडी में नट और बोल्ट्स की सहायता से फिट की जाती है। इस मोटर की गति एक रेगुलेटर के जरिए  नियंत्रित की जाती है, या फिर मोटर की स्टेटर वाइंडिंग से अलग अलग टेपिंग्स बाहर निकली जाती है। जिनसे मोटर की स्पीड नियंत्रित की जाती है।

ऐग्झोस्ट फैन के लिए 1/10, ⅛ , ⅕ या ¼ HP की मोटर का उपयोग किया जाता है।

कूलर पंप (Cooler Pump)

कूलर टैंक मधील का पानी वाटर ट्रे या वाटर चैनल में पहुंचने के लिए वाटर पंप का उपयोग किया जाता है।

कूलर में इस्तेमाल किए जने वाले पंप दो प्रकार के होते हैं।

  1. इलेक्ट्रिक वाटर पंप
  2. मकैनिकल वाटर पंप

इलेक्ट्रिकल वाटर पंप (Electrical Water Pump)

इस पंप में इस्तेमाल की जाने वाली मोटर सिंगल फेज 230 volt की शेडेड पोल मोटर होती है। इस मोटर की कैपेसिटी 1/20, 1/30 HP तक कि होती है। RPM 1300 से लेकर 1400 तक का होता है। इस मोटर पंप के शाफ़्ट फोनो तरफ से बाहर निकले होते हैं। ऊपर की तरफ के शाफ़्ट की लंबाई कम होती है जिसपर कूलिंग फैन लगा होता है। इस कूलिंग फैन को प्लास्टिक कैप भी कहा जाता है। निचले शाफ़्ट की लंबाई ज्यादा होती है। निचले शाफ़्ट के सिरे पर इम्पेलर लगा होता है। यह इम्पेलर एक प्लास्टिक के डिब्बे में बंद होता है, जिसे पाईप जुड़ा होता है। इस पाईप के जरिए पानी वाटर चैनल अथवा वाटर ट्रे में ले जाया जाता है।

पंप का इम्पेलर हमेशा वाटर टैंक के पानी मे डुबोकर रखा जाता है। जब भी पानी की मोटर शुरू होती है तब इम्पेलर भी घूमता है और पानी को खींचकर पाईप के जरिए वाटर ट्रे तक या कई कूलरों में वाटर ट्रे तक पहुंचता है। और वहां से पानी कूलर की घांस पर या Wood Wool pad पर गिरता है।

मकैनिकल वाटर पंप (Machanical Water Pump)

इस प्रकार का वाटर पंप विंडो टाइप कूलर में इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रकार के पंप के लिए कूलर में एक अलग मोटर लगाने की आवश्यकता नही होती। इस कूलर में जो फैन मोटर उपयोग मे लाई जाती है, वह मोटर आड़ी न होकर खड़ी लगाई जाती है। उसी मोटर के शाफ़्ट पर यह वाटर पंप लगाया जाता है। इस प्रकार के पंप में एक प्लास्टिक हाउसिंग में एक स्प्रिंग के ऊपर और नीचे ऐसी 2 सिंटर्ड बुश लगे होते हैं। जो एक दूसरे से विपरीत होते हैं।

निचले सिंटर्ड बुश को पंप शाफ़्ट जोड़कर उस शाफ़्ट से पंप बॉडी और इम्पेलर जुड़े होते हैं। इम्पेलर को वाटर टैंक के पानी मे डुबोकर रखा जा सके इस तरह से रचना की होती है। सिंटर्ड बुश के ऊपरी तरफ वाटर फ्लाई कैप लगाकर मोटर का शाफ्ट और pvc pipe लगा होता है।

जब फैन मोटर को सप्लाय दिया जाता है, तब फैन मोटर घूमने लगती है और उसी स्पीड से मकैनिकल वाटर पंप भी घूमने लगता है। जिससे इम्पेलर द्वारा पानी खींच जाता है। पानी पंप के द्वारा वाटर टैंक से वाटर ट्रे तक पंहुचता है। और वहां से पानी Wood Wool पर गिरता है।

यह मकैनिकल वाटर पंप इलेक्ट्रिकल वाटर पंप से ज्यादा किफायती होता है। कारण इसमें दूसरी मोटर का इस्तेमाल नही होता। जिस वजह से इलेक्ट्रिक खर्च कम होता है।

गाइड वेन्ट अथवा एयर डायवर्टर (Guide Vent or air diverters)

एयर कूलर से मिलने वाली ठंडी हवा कमरे में सारे कोनों तक पहुंचे इस लिए उस ठंडी हवा को आवश्यक वह दिशा प्रदान करने के लिए एयर कूलर में एयर डायवर्टर्स का उपयोग होता है। यह डायवर्टर्स कूलर के सामने पत्रकी तरफ कूलर की बॉडी से जुड़ा होता है।एयर कूलर में इस्तेमाल किए जाने वाले एयर डायवर्टर्स 2 प्रकार के होते हैं।

  1. फिन्स डायवर्टर्स
  2. सर्कुलर डायवर्टर्स

फिन्स डायवर्टर्स

इस प्रकार के डायवर्टर्स का उपयोग एगझोस्ट टाइप रूम कूलर में किया जाता है। फिन्स डायवर्टर्स चौकोनी या आयताकार होते हैं। इसपर आड़े और खड़े फिन्स लगे होते हैं। यह फिन्स धातु या प्लास्टिक के बने होते हैं। इन सब फिन्स के सिरे एक पतली पट्टी से फ्रेम से जुड़े होते हैं। फिन्स पर डायवर्टर नोब लगी होती है। इस नोब की सहायता से आड़ी फिन्स को ऊपर या नीचे की तरफ किया जाता है, और खड़ी फिन्स को दाएं या बाएं किया जाता है। जिससे रूम कूलर से आने वाली हवा डायवर्ट करके (परावर्तित करके) कमरे में जहां चाहे वहां पहुंचाई जा सकती है।

सर्क्युलर डायवर्टर (Circular diverters)

सर्क्युलर डायवर्टर का उपयोग विंडो टाइप रूम कूलर में किया जाता है। इसमें धातु या प्लास्टिक की अनेक डिस्क एकदूसरे से 20° के कोन पर लगी होती हैं। उसी शाफ़्ट के एक सिरे पर 1 cm मोटा एक व्हील लगा होता है। उस व्हील को डायवर्टर नोब कहा जाता है।

जब फैन घूमता है, उसी समय डायवर्टर नोब भी घूमता है। नोब घूमने की वजह से शाफ़्ट भी बहुमत है। और फिर शाफ़्ट पर लगी सारी डिस्क भी घूमती हैं। डिस्क घूमते समय हमेशा दाईं ओर बाई ओर घूमती है। इस तरह कूलर की ठंडी हवा कमरे में फैलाना आसान होता है। डायवर्टर को स्थिर रखने के लिए एक डायवर्टर ब्रेक लगा होता है।

सेंट्रीफ्युगल ब्लोअर फैन (Centrifugal blower fan)

जिस फैन की मोटर शुरू होते ही, फैन की सारी हवा एक सेंटर पॉइंट पर जमा करके किसी एक निश्चित जगह पर फेंकी जाती है। इस प्रकार के फैन को सेंट्रीफ्युगल ब्लोअर फैन कहा जाता है।

इस प्रकार के फैन का शाफ़्ट दोनों तरफ से बढ़ाकर उन दोनों तरफ प्लास्टिक फैन लगाया जाता है। यह फैन उनके केंद्र की ओर हवा खींच लेते हैं और जोर से सामने की ओर फेंकते हैं।

वाटर टैंक (Water Tank)

कूलर बॉडी के नीचे की तरफ पानी को जमा करने के लिए एक पानी की टंकी होती है।यह टंकी GI के शीट से बनी होती है। प्लास्टिक कूलर में यह टंकी प्लास्टिक की बनी होती है। इस टंकी में पानी भरने के लिए इसके साइड में एक फनल लगी होती है। इस टंकी में वाटर पंप और इम्पेलर डुबोकर रखा जा सके इतना पानी भरा होता है।

वाटर ट्रे (Water Try)

यह ट्रे कूलर बॉडी के ऊपरी हिस्से में होता है। वाटर ट्रे GI का बना हित है या प्लास्टिक कूलर में प्लास्टिक का बना होता है। इस वाटर ट्रे में सामने का हिस्सा छोड़कर बाकी तीन हिस्सों में पानी टपकने के लिए छोटे छोटे छिद्र बने होते हैं। वाटर ट्रे में बीच मे एक बड़ा छिद्र होता है, जिसे एक रबर पाईप जो कि वाटर पंप के आउटलेट से आता है , वह पाईप जोड़ा जाता है। वाटर पंप से आने वाला पानी पाईप के जरिए इस वाटर चैनल में आता है। वहां से पानी छोटे छोटे छिद्रों से टपककर कूलर के साइड कव्हर में लगे wood wool पर एक समान गिरता है। वाटर ट्रे में एक और पाईप लगा होता है, जो कि वाटर टैंक में छोड़ा जाता है। वाटर ट्रे में ज्यादा पानी जमा होने पर वह ज्यादा पानी इस पाईप के जरिए वाटर टैंक में फिर से चल जाता है। इस पाईप को ओवर फ्लो पाईप कहा जाता है।

वाटर चैनल (Water channel)

वाटर चैनल का काम वाटर ट्रे की तरह ही होता है। वाटर चैनल GI की शीट के या फिर प्लास्टिक के बने होते हैं। इसपर ‘V’ आकर के कट्स बने होते हैं। यह चैनल कूलर बॉडी के ऊपरी तरफ Wood Wool के ऊपर लगा होता है। पाईप के जरिए पानी इस वाटर चैनल में आता है। वहां से V आकर के कट्स से वह पानी Wood Wool पर एक समान गिरता है। wood wool भीगकर ठंडी हो जाती है।

 वुड वूल (Wood Wool)

कूलर बॉडी के साइड कवर में वुड वूल लगी होती है। यह सुगंधित वुड वूल एक खास किस्म के पेड़ की छाल से बनाई जाती है। इसमें एक खास किस्म की घांस का भी इस्तेमाल किया जाता है। wood wool ज्यादा गीलापन जमा करके रखता है। वाटर ट्रे या फिर वाटर चैनल से आने वाला पानी इस wood wool पर गिरता एक समान है। वुड वूल गिला होने के कारण ठंडा हो जाता है। कूलर बॉडी के बाहर से आने वाली गर्म हवा जब इस wood wool से होकर कूलर बॉडी में प्रवेश करती है। तब यह हवा भी ठंडी हो जाती है। इस तरह wood wool की सहायता से गर्म हवा को ठंडा किया जाता है।

साइड कवर (Side Cover)

रूम कूलर की बॉडी को तीन तरफ से साइड कवर लगे होते है। आजकल यह कवर्स फाइबर से बने मिलते हैं। साइड कवर पर झरोके बने होते हैं। जिससे हवा कूलर बॉडी के बीच जा सके।

स्विचेस (Switches)

कूलर की फैन मोटर और पंप मोटर शुरू या बंद करने हेतु। और कूलर की स्पीड नियंत्रित करने हेतु कूलर के दर्शनी भाग पर ऊपर की तरफ स्विचेस लगे होते हैं।

जिनका कनेक्शन नीचे दिखाए गए सर्किट डायग्राम जैसा होता है।

रूम कूलर के प्रकार

  1. एगझोस्ट टाइप रूम कूलर
  2. विंडो टाइप रूम कूलर
  3. ब्लोअर टाइप रूम कूलर

एगझोस्ट टाइप रूम कूलर (Exhaust Type Room Cooler in hindi)

इस प्रकार के रूम कूलर की संरचना आकृति में दिखाई गई है। इन प्रकार के कूलर की फैन मोटर और पंप मोटर यह दो लग अलग मोटर होती है। कूलर बॉडी के ऊपरी हिस्से में फैन ब्लेड के आकार का एक गोलाकार या चोकोर छिद्र होता है। जहां से ठंडी हवा बाहर आती है। उस छिद्र के में अंदर की तरफ फैन मोटर लगी होती है। बोदयबके निचले हिस्से में वाटर टैंक होता है। उस वाटर टैंक में एक इलेक्ट्रिक वाटर पंप लगा होता है। बॉडी के ऊपरी हिस्से में वाटर ट्रे और उस ट्रे पर एक ढक्कन लगा होता है।

एगझोस्ट टाइप रूम कूलर कैसे काम करता है?

जब इस प्रकार के रूम कूलर की फैन मोटर और पंप मोटर को इलेक्ट्रिक सप्लाय दिया जाता है, तब  वाटर टैंक का पानी वाटर पंप की सहायता से वाटर ट्रे में लाया जाता है। वाटर ट्रे से पानी Wood Wool पर गिरता है। Wood Wool गीली होने के कारण बाहर से आने वाली गर्म हवा को ठंडा कर देती है। यह ठंडी हवा फैन के माध्यम से कूलर के बाहर फेंक दी जाती है।
एगझोस्ट टाइप रूम कूलर में कई जगह वाटर ट्रे के बजाए वाटर चैनल का इस्तेमाल किया जाता है। वाटर ट्रे की तरह ही वाटर चैनल में पानी लाया जाता है। ओर वहां से पानी wood wool पर गिराया जाता है।
रूम कूलर की ठंडी हवा फिन्स एयर डायवर्टर का उपयोग करके कमरे में चाहे जहां पर पहुँचाई जाती है।
इस तरह एगझोस्ट टाइप रूम कूलर कार्य करता है।

विंडो टाइप रूम कूलर (Window type room cooler)

इस प्रकार के रूम कूलर में फैन मोटर खड़ी लगी होती है। इसी मोटर के निचले शाफ़्ट पर एक मकैनिकल वाटर पंप लगा होता है। इसी वाटर पंप में एक आउटलेट पाईप जोड़कर वाटर टैंक का पानी वाटर ट्रे या वाटर चैनल में लाया जाता है। फैन के सामने किबतर्फ सर्क्युलर एयर डायवर्टर लगा होता है। जब फैन मोटर को इलेक्ट्रिक सप्लाई दिया जाता है तब फैन मोटर के साथ साथ वाटर पंप मोटर भी घूमती है। जिससे वाटर पंप का इम्पेलर घूमकर वाटर टैंक के पानी को PVC पाईप के जरिए वाटर ट्रे तक पहुंचता है।

ट्रे से वह लानी वुड वूल पर गिरता है। रूम कूलर के बाहर की हवा जब वुड वूल के संपर्क में अति है तब वह गर्म हवा ठंडी हो जाती है। उसी समय फैन भी घूम रहा होता है। फैन के जरिए वह ठंडी हवा एयर डक्ट में तक पहुंच जाती है। डक्ट के भीतर की ठंडी हवा सर्क्युलर एयर डायवर्टर की मदत से कमरे में फैलाई जाती है। इस प्रकार विंडो टाइप रूम कूलर काम करता है।

ब्लोअर टाइप रूम कूलर इस प्रकार के रूम कूलर की संरचना आकृति में दिखाई गई गई। इस रूम कूलर के मोटर शाफ़्ट के दोनों तरफ सेंट्रीफ्युगल ब्लोअर फैन लगे होते हैं। इसकी  बाकी की संरचना और कार्यपद्धति एगझोस्ट टाइप रूम कूलर और विंडो टाइप रूम कूलर जैसी ही होती है।

रूम कूलर प्राइस लिस्ट जिन्हे आप अनलाईन खरीद सकते हैं

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