ड्रिल मशीन क्या है? और ड्रिल बिट्स की पूरी जानकारी हिंदी में

इलेक्ट्रिकल वायरिंग इंस्टालेशन हो, टीवी इंस्टॉल करनी हो या वॉटर प्यूरिफायर लगाना हो, या फिर बड़ी से बड़ी धातु की शीट्स से लेकर दीवार, वुडेन या मेटल सरफेस में होल बनाने होते हैं। उन सभी में ड्रिल मशीन आपके काफी काम अति है। ड्रिल मशीन से काम बहुत ही आसानी से और परफेक्ट तरीके से हो जाता है। ड्रिल मशीन की वजह से हमारे कीमती समय की भी बचत होती है।

Table of Contents

ड्रिल मशीन क्या है?

ड्रिल मशीन यह एक ऐसा पॉवरफुल इलेक्ट्रिक टूल है। जिससे हम किसी भी हार्ड सरफेस में सुराख कर सकते हैं। या उसे तोड़ सकते हैं।

ड्रिल मशीन यह एक ऐसा औज़ार है जिसका इस्तेमाल लकड़ी, पत्थर, लोहा आदि में छेद करने के लिए होता है।

ड्रिल मशीन में जो बिट होता है जिसे ड्रिल बिट (Drill Bit) या रोटेटिंग टूल कहते है। यह हाई स्पीड स्टील से बना हुआ होता है।

ड्रिल मशीन कैसे काम करती है ?

ड्रिलिंग मशीन का स्पिंडल यह एक धातु का रॉड होता है। जिसके एक सिरे पर चक लगाया जाता है। और दूसरे सिरे पर मोटर के रोटर शाफ़्ट से मिलने वाली घूर्णन शक्ति प्रदान की जाती है।

स्पिंडल मोटर शाफ़्ट से गियर्स के माध्यम से जुड़ा होता है। जिससे ड्रिल मशीन को ज्यादा टॉर्क हासिल होता है।

बेंच ड्रिल बेल्ट और स्टेप्ड पुली की मदद से इलेक्ट्रिक मोटर से जुड़ा होता है। जैसे ही बिजली चालू होती है, इलेक्ट्रिक मोटर घूमने लगती है। और यह शाफ़्ट को भी घुमाती है।

स्पिंडल में लगे चक में विशेष व्यास का ड्रिल बिट (Drill Bit) लगाया जाता है। जिसे काम के हिसाब से बदला भी जा सकता है।

ड्रिल बिट स्पिंडल के साथ उच्च गति से घूमता है। वर्कपीस में छेद करने के लिए एक घूर्णन ड्रिल बिट (Drill Bit) को लक्ष्य स्थान के पास लाया जाता है।

ड्रिलिंग ऑपरेशन के दौरान, वर्कपीस में छेद की गहराई बढ़ाने के लिए हैंड फीड के माध्यम से स्पिंडल पर पर्याप्त मात्रा में बल लगाया जाता है।

छेद बनने के बाद, प्रक्रिया को रोकने के लिए इलेक्ट्रिक मोटर को बंद कर दिया जाता है। कुछ मामलों में जैसे किसी धातु के वर्क पीस में ड्रिलिंग या छेद करते समय ड्रिल और वर्कपीस अधिक गर्म हो जाते हैं। तो उत्पन्न गर्मी को रोकने के लिए तेल या पानी का उपयोग ड्रिलिंग के स्थान पर किया जाता है।

ड्रिल मशीन के प्रकार

ड्रिल मशीने बहुत प्रकार की होती हहैं। और मार्किट में भी कई प्रकार की ड्रिल मशीने मिलती हैं। आज इस आर्टिकल में हम आपको ड्रिल मशीनों के बारे में जानकारी दें रहे जो ज्यादातर इस्तेमाल में है।

ड्रिल मशीन के 8 प्रकार

  1. पिलर टाइप ड्रिलिंग मशीन
  2. बेंच ड्रिलिंग मशीन
  3. मल्टीप्ल स्पिंडल ड्रिलिंग मशीन
  4. रेडियल ड्रिलिंग मशीन
  5. गैंग ड्रिल मशीन
  6. कॉर्डेड ड्रिल मशीन
  7. हैमर ड्रिल मशीन
  8. कोर्डलेस ड्रिल मशीन

पिलर टाइप ड्रिलिंग मशीन (Pillar Type Drilling Machine)

पिलर ड्रिल मशीन किसी भी काम के लिए एक उत्तम ड्रिलिंग उपकरण है। भारी से भरी जॉब पर ड्रिलिंग के लिए यह मशीन उपयुक्त होती है। इसकी पावर, क्षमता और  ड्रिलिंग गति ज्यादा होती है। पिलर टाइप ड्रिलिंग मशीन की सटीकता बाकी ड्रिलिंग मशीनों के मुकाबले अच्छी होती है। इस मशीन का उपयोग बड़े उद्योग, कारखानों इत्यादि में  किया जाता है। 

यह मशीन बेंच ड्रिलिंग मशीन जैसे होते है,और हैवी ड्यूटी के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसमें टेबल को थोड़ा बहार तक लाया जाता है। और इसमें हम 70 mm की व्यास तक का होल कर सकते है। 

बेंच ड्रिलिंग मशीन ( Bench Drilling Machine )

बेंच ड्रिल मशीन जो कि पिलर ड्रिल मशीन  का ही एक छोटा प्रकार है। बेंच ड्रिल मशीन का उयोग जॉब के छोटे टुकड़ों पर ड्रिल करने के लिए किया जाता है। जो कि बेंच ड्रिल मशीन के बेंच पर आसानी से रखे जा सकते हैं।

बेंच ड्रिल के बाई बोर ON/OFF स्विच लगे होते हैं। ज्यादातर बेंच ड्रिल को बंद या शुरू करने के लिए फुट स्विच लगे होते हैं।

बेंच ड्रिल मशीन की दाईं ओर हैंडल होता है। ड्रिलिंग के समय जिसको घुमाकर जॉब पर पर्याप्त बल दिया जाता है।

यह ड्रिलिंग मशीन लाइट ड्यूटी के लिए इस्तेमाल किया जाता है और इसे संवेदनशील ड्रिलिंग मशीन भी कहते हैं।

इसमें स्पिंडल का स्पीड जयादा होता है और इसमें हम अधिक से अधिक 12 mm डायमीटर तक का होल कर सकते है।

मल्टीप्ल स्पिंडल ड्रिलिंग मशीन (Multiple Spindle Drilling Machine)

मल्टीपल स्पिंडल ड्रिलिंग मशीन हम एक बार में ही एक से जयादा होल कर सकते है , क्योंकि इसमें  एक से अधिक स्पिंडल होते है, कुछ मल्टीप्ल स्पिंडल ड्रिलिंग मशीन में  25 से जयादा स्पिंडल होते है।

जहां बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। वहां इसड्रिलिंग मशीन का इस्तेमाल किया जाता है।

उदाहरण के तौर पर, आपने बोरवेल में इस्तेमाल किये जाने वाले PVC PIPE तो देखे होंगे। जिनपर जमीन का पानी रिसने के लिए समान अंतराल में कुछ होल्स बने होते हैं। वह होल्स मल्टीपल स्पिंडल ड्रिलिंग मशीन के जरिये किये जाते हैं।

रेडियल ड्रिलिंग मशीन (Radial Drilling Machine)

रेडियल ड्रिलिंग मशीन का इस्तेमाल हैवी या उंचाई वाले जॉब्स के लिए होता है। क्योंकि हैवी जॉब्स में वर्कपीस का मूवमेंट काफी कम होता है और इसके किसी भी हिस्से को बिना हिलाये आसानी से घूम सकते हैं।

गैंग ड्रिल मशीन (Gang Drill Machine)

इस मशीन में बहुत सारे ड्रिल हेड होते है जिसे एक बार में ही फिक्स किया जाता जिससे ये आसानी से एक ही समय में विभिन्न साइज का ड्रिल कर सकता है। 

इससे समय की भी बचत होती है  और जयादा से जयादा  काम होता है।

कॉर्डेड ड्रिल मशीन (Corded Drill Machine)

कॉर्डेड ड्रिल मशीन ऊपर बताई गई पावर ड्रिल मशीनों की तुलना में हलकी और छोटी होती है। जिसका उयोग ज्यादातर लकड़ी के कामों में और घरेलु उपयोगों के लिए किया जाता है। जिसे कहीं भीबले जाना बहुत आसान होता है।

हैमर ड्रिल मशीन (Hammer Drill Machine)

हैमर ड्रिल मशीन ड्रिलिंग के लिए एक हैमरिंग एक्शन देती हैं और लकड़ी, कंक्रीट, धातु आदि की ड्रिलिंग के लिए उपयोग की जाती हैं।

हैमर ड्रिल मशीन को इम्पैक्ट ड्रिल मशीन या पर्क्यूशन ड्रिल मशीन के रूप में भी जाना जाता है। इम्पैक्ट ड्रिल मशीनें बहुत शक्तिशाली उपकरण हैं और इसलिए ज्यादातर उन सामग्रियों की ड्रिलिंग के लिए उपयोग की जाती हैं जो कठोर होती हैं।

कोर्डलेस ड्रिल (Cordless Drill)

ये ड्रिल आजकल सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। क्योंकि ये वायरलेस मशीन होता है। इसमें वायर या इलेक्ट्रिसिटी का झंझट नहीं होता है। और इसे आसानी से कही भी ले जा सकते है। यह एक बैटरी पावर से चलती है। जिसे चार्ज करके बिना पावर सप्लाय वाली जगहों पर आसानी से इस्तेमाल किया सकता है।

ड्रिल मशीन बिट (Drill Machine Bit)

ड्रिल बिट (Drill Bit) किसी भी सख्त चीज को काटने का उपकरण है जिसका इस्तेमाल ठोस धातु में छेद बनाने या उसे बड़ा करने के लिए होता है। इनका इस्तेमाल मैन्युअल-संचालित ड्रिल या चक से लैस ड्रिल प्रेस के साथ होता है । ये सभी ड्रिलिंग मशीनें क्लैंप को कसने या उसे ढीला करने के लिए एक कुंजी का इस्तेमाल करती हैं।

एक महत्वपूर्ण बात यह है कि आप जब भी किसी ड्रिल का इस्तेमाल तब तक नहीं कर सकते जब तक आप यह नहीं जान लेते हैं कि आपको अपने काम के लिए किस ड्रिल का इस्तेमाल करना चाहिए। ड्रिल बिट (Drill Bit) अलग अलग आकारों में निर्मित होते हैं।

ड्रिल बिट (Drill Bit) के 10 प्रकार

  1. फ्लैट ड्रिल बिट
  2. ऑयल होल ड्रिल बिट
  3. स्ट्रेट फ्लूटेड ड्रिल बिट
  4. सेंटर ड्रिल बिट
  5. टेपर शैंक कोर ड्रिल बिट
  6. ट्विस्ट ड्रिल बिट 
  7. काउण्टर सिंक ड्रिल बिट
  8. काउण्टर बोर ड्रिल बिट
  9. मल्टी-डायमीटर ड्रिल बिट
  10. स्पाइरैक ड्रिल बिट

1. फ्लैट ड्रिल बिट

फ्लैट ड्रिल का उपयोग हैण्ड ड्रिल मशीन में होता है। और इसके द्वारा रैचेट ब्रेस के साथ धातु व लकड़ी में होल किया जाता है। यह ड्रिल हाई कार्बन स्टील से बना हुआ होता है। साथ ही इसमें दो कटिंग एज होते हैं। इस ड्रील की कटिंग एज स्ट्रेट में होती है।

2.ऑयल होल ड्रिल बिट

इस ड्रिल को इन बैरल ड्रिल भी कहते है। इस ड्रिल की बॉडी में होल होता है। जो कटिंग एज तक जाता है। इस होल के माध्यम से ही कटिंग एज को कटिंग ऑयल या कम्प्रेश्ड एयर पहुंचाई जाती है। इस प्रक्रिया से कटिंग एज गर्म नहीं होती है और ड्रिल की लाइफ भी बढ़ती है।

3.स्ट्रेट फ्लूटेड ड्रिल बिट

इसका इस्तेमाल मुलायम धातुओं को ड्रिल करने के लिए किया जाता है। इस ड्रिल के फ्लूट्स एक-दूसरे के विपरीत दिशा में होते हैं। दोनों फ्लूट्स एक-दूसरे की अक्ष के समांतर होते हैं। इस ड्रिल के दो प्रकार होते हैं, स्ट्रेट शैंक और टेपर शैंक।

4.सेंटर ड्रिल बिट

हाई स्पीड स्टील के बने इस ड्रिल को कॉम्बीनेशन ड्रिल कहते हैं। ड्रिल के दोनों सिरों पर सेंटर लगाने के लिए कटाई कोर बनी हुई होती है और बीच का भाग प्लेन व बेलनाकार होता है। इसके प्लेन भाग का व्यास 0.5 मिमी और बेलनाकार भाग का व्यास 3.5 मिमी से 25 मिमी होता है।

5. टेपर शैंक कोर ड्रिल बिट

इस ड्रिल का इस्तेमाल पहले से बनाए गए होल को बड़ा करने के लिए किया जाता है। इसकी बॉडी पर तीन या चार ही स्पाइरल आकार के फ्लूट्स बने होते हैं। इसके द्वारा नया होल नहीं बनाया जा सकता है।

6.ट्विस्ट ड्रिल बिट

ट्विस्ट ड्रिल हाई कार्बन स्टील व हाई स्पीड स्टील के बने होते हैं। इसमें फ्लूट्स स्पाइरल शेप के होते हैं और इन फ्लूट्स के बीच में पर्याप्त क्लीयरैन्स भी होता है। इससे धातु छीलन आसानी से बाहर आती है और कटिंग ऑयल भी आसानी से कटिंग एज तक पहुंचता है।

7. काउण्टर सिंक ड्रिल बिट

इस ड्रिल के  इस्तेमाल से छोटे व्यास के होल को काउण्टर सिंक किया जाता है। इसमें चार या इससे अधिक फ्लूट्स होते हैं। वैसे तो यह एक मल्टी फ्लूट्स ड्रिल है। यह यह स्ट्रेट शैंक व टेपर शैंक दोनों प्रकार के होते हैं। इसमें एक पायलट के साथ काउण्टर सिंक ड्रिल भी होता है। इसका उपयोग अधिक एक्युरेसी में काउण्टर सिकिंग के लिए किया जाता है।

8. काउण्टर बोर ड्रिल बिट

इस ड्रिल बिट का उपयोग ऐलन बोल्ट के लिए किया जाता है। इस ड्रिल बिट में एक निश्चित लम्बाई के बाद काउण्टर बोर करने के लिए एक बड़ा आकार होता है। इसमें आगे का छोटा आकार पहले होल करता है, इसके बाद बड़ा आकार उसे बोर करके बड़ा करता है। इसके छोटे वाले आकार को पायलट के नाम से जाना जाता है।

9. मल्टी-डायमीटर ड्रिल बिट

इस ड्रिल बिट की बॉडी दो या तीन अलग-अलग डायामीटर से बनी होती है। इसलिए इसे मल्टी-डायमीटर ड्रिल कहते हैं। इसके ड्रिल के द्वारा एक बार में ही दो या तीन अलग-अलग डायामीटर के होल बनाए जा सकते हैं। यह स्ट्रेट व टेपर शैंक में मिलते हैं।

इस ड्रिल बिट का उपयोग डीजल इंजन के नोजिल, पम्प स्टोव या गैस के निप्पिल में होल करने के लिए किया जाता है। इस ड्रिल से बहुत एक्युरेसी में ड्रिलिंग होती है। यह बाजारों में नम्बर आकारों में मिलते हैं। और इसका व्यास 0.0086 इंच से 0.0984 इंच तक होता है।

तो दोस्तों हमने इस आर्टिकल में पढ़ा कि, ड्रिल मशीन क्या होता है? ड्रिल मशीन कितने प्रकार की होती हैं? ड्रिल मशीन कैसे काम करती है?

अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो आप दूसरों को भी यह आर्टिकल शेयर करें। क्या आपको इन सब ड्रिल मशीनों के बारे में पता था? हमे कमेंट करके जरूर बताएं। और अपने सुझाव दे।

  

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